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संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं-
संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग वायरल, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², परजीवी या फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकते हैं। संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों का à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ समूह à¤à¥€ है जिसे टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिसिबल सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤œà¥€à¤«à¤¾à¤°à¥à¤® à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¥‡à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€à¤œ (टीà¤à¤¸à¤ˆ) कहा जाता है।
वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£
वायरस à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• खोल (कैपà¥à¤¸à¤¿à¤¡) के अंदर जेनेटिक इंफारà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ (डीà¤à¤¨à¤ या आरà¤à¤¨à¤) का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा है। वायरस आपकी कोशिकाओं से बहà¥à¤¤ छोटे होते हैं और उनके पास खà¥à¤¦ को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने का कोई तरीका नहीं होता है। वे आपकी कोशिकाओं के अंदर पहà¥à¤‚च जाते हैं और सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बनाने के लिठआपकी कोशिकाओं की मशीनरी का उपयोग करते हैं।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤•ल-कोशिका वाले जीव हैं जिनके निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ डीà¤à¤¨à¤ के à¤à¤• छोटे से टà¥à¤•ड़े पर लिखे होते हैं। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हमारे चारों तरफ हैं, हमारे शरीर के अंदर और हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¥€à¥¤ कई बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हानिरहित या सहायक à¤à¥€ होते हैं, लेकिन कà¥à¤› बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ छोड़ते हैं जो आपको बीमार कर सकते हैं।
फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£
जीवाणà¥à¤“ं की à¤à¤¾à¤à¤¤à¤¿ अनेक पà¥à¤°à¤•ार के कवक होते हैं। वे आपके शरीर में रहते हैं। जब आपके शरीर में फंगस का विकास बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है या फिर जब हानिकारक फंगस आपके मà¥à¤‚ह, नाक या आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कट के माधà¥à¤¯à¤® से आपके शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती है, तो आप बीमार हो सकते हैं।
पैरासाइट संकà¥à¤°à¤®à¤£
परजीवी जीवित रहने और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ करने के लिठअनà¥à¤¯ जीवों के शरीर का उपयोग करते हैं। परजीवियों में कृमि (कृमि) और कà¥à¤› à¤à¤•कोशिकीय जीव (पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤†) शामिल हैं।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिसिबल सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤œà¥€à¤«à¥‰à¤°à¥à¤® à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¥‡à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€à¤œ (टीà¤à¤¸à¤ˆ/पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ रोग)
टीà¤à¤¸à¤ˆ होने का कारण पà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¨à¥à¤¸ होते हैं। पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¨à¥à¤¸ यानी à¤à¤¸à¥‡ दोषपूरà¥à¤£ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जिनके कारण आपके शरीर में दूसरे पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥à¤¸, खासकर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ दोषपूरà¥à¤£ बन जाते हैं। आपका शरीर इन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥à¤¸ का उपयोग करने या उनसे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने में असमरà¥à¤¥ है, इसलिठवे जमा हो जाते हैं और आपको बीमार कर देते हैं। पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों का à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤²à¤ कारण है।
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